दिसंबर में गोवा में सेरेन्डिपिटी आर्ट्स फेस्टिवल 2018 का आयोजन

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 गोवा खबर:भारत का पहला बहुविषयक कला कार्यक्रम, सेरेन्डिपिटी आर्ट्स फेस्टिवल 2018 15-22 दिसंबर तक गोवा में रंग जमाएगा, जिसमें 90 से अधिक डायनेमिक प्रोजेक्ट्स संगीत, नृत्य और थियेटर के साथ-साथ पाक कला, शिल्प और विजुअल आर्ट्स प्रदर्शनियों से संबंधित भारत की समृद्ध परंपराओं को उजागर करेंगे। सेरेन्डिप्टी आर्ट्स फेस्टिवल 10 स्थानों पर होगा, जो कई प्रदर्शनियों, प्रदर्शन और इमर्सिव कला अनुभवों के साथ गोवा को ऊर्जा से भर देगा और पणजी को एक जीवंत सांस्कृतिक स्थान में बदल देगा।

 

सेरेन्डिपिटी आर्ट्स फेस्टिवल पूरे भारत में सार्वजनिक कला परियोजनाओं में रुचि पैदा करते हुए, जनता को शामिल करके और कला समाज को कैसे प्रभावित कर सकती है, इस बारे में जागरूकता फैलाते हुए, देश की सांस्कृतिक विविधता में ठोस बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

पिछले दो संस्करणों में, इस कार्यक्रम ने 400,000 से अधिक आगंतुकों को आकर्षित किया, और उत्प्रेरित 1300 कलाकारों ने महत्वपूर्ण प्रभाव पैदा किया और पणजी के सांस्कृतिक पुनरुत्थान में योगदान दिया। इस वर्ष के कार्यक्रम में 1500 कलाकार शामिल होंगे और उत्सव के मेजबान शहर की संस्कृति और कला का सम्मान करना जारी रखेंगे, विशेष कार्यक्रमों के साथ रचनात्मक और सामुदायिक केंद्रित परियोजनाओं के माध्यम से विरासत स्थलों और स्थापत्य चिह्नों को फिर से परिभाषित करते हुए पणजी की 175वीं वर्षगांठ का जश्न मनाया जाएगा।

 

 

श्री सुनील कांत मुंजल द्वारा 2016 में स्थापित, सेरेन्डिपिटी आर्ट्स फाउंडेशन की एक पहल, इस फेस्टिवल का तीसरा संस्करण दक्षिण एशिया में उभरते कलाकारों का समर्थन करने, सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है और देश में एकमात्र ऐसा कला कार्यक्रम है जो रचनात्मक विषयों को एकजुट करता है।

 

इस कार्यक्रम के पहले दो संस्करणों ने गोवा को बदल दिया और इसे जनता से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली, जिसने कला के प्रति दृष्टिकोण को फिर से पारिभाषित किया जबकि देश भर में कला उत्पादन, जागरूकता और अभ्यास को भी सक्रिय किया।

 

प्रदर्शनकारी, विजुअल और पाक कलाओं को प्रदर्शित करके, इस वर्ष का महोत्सव कलात्मक कठोरता और अभिगम्यता के बीच संतुलन बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ये परियोजनाएं देश के विभिन्न हिस्सों से कलाकृतियों को एकजुट करती हैं, क्षेत्रीय विभाजन को कम करती हैं और बहु-सांस्कृतिक विनिमय को प्रोत्साहित करती हैं।

 

इस साल के कार्यक्रमों की मुख्य विशेषताएं में, बच्चों के लिए डिजाइन किए गए रंगमंच प्रदर्शन, विजुअल आर्ट्स और फोटोग्राफी में बड़े पैमाने पर सार्वजनिक इंस्टॉलेशन, विभिन्न आउटडोर और संध्या संगीत प्रदर्शन, पाक कार्यशालाएं और टेस्टिंग्स, साथ ही साथ विभिन्न विषयों में विशेष रूप से कमीशन परियोजनाओं की एक श्रृंखला शामिल है जो सेरेन्डिपिटी आर्ट्स फेस्टिवल 2018 के लिए खास तौर पर होंगी।

 

परियोजनाओं को अलग-अलग सहायक प्रोग्रामिंग द्वारा सक्रिय किया जाएगा जिसमें पैनल चर्चाएं, बच्चों के कार्यक्रम और दिव्यांगों के लिए कार्यशालाएं शामिल हैं। ये पहल कला को सुलभ बनाने, और संख्याओं और विविधता दोनों में कला के दर्शकों को विकसित करने के लिए फाउंडेशन के महत्वपूर्ण मिशन का एक अभिन्न हिस्सा हैं।

 

क्राफ्ट, पाक कला, संगीत, फोटोग्राफी, विजुअल आर्ट्स, डांस और रंगमंच के मूल विषयों में अद्वितीय उत्प्रेरकों का प्रयोजन, पारंपरिक कलाकृतियों को विलुप्त होने और हाशिये पर चढ़ने से बचाना है, जबकि अधिक समकालीन परियोजनाएं महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों को संबोधित करेंगी। इस वर्ष के कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति के साथ वैश्विक संवाद को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय भागीदारी में भी वृद्धि की जाएगी।

 

इस साल के संस्करण के बारे में, सुश्री स्मृति राजगढ़िया, डायरेक्टर, सेरेन्डिपिटी आर्ट्स फेस्टिवल ने कहा:

 

“हम महोत्सव के इस साल के संस्करण को लेकर अविश्वसनीय रूप से उत्साहित हैं, जिसमें हर किसी के लिए कुछ है और जो कलाओं के साथ जुड़ने के लिए दर्शकों के समक्ष विभिन्न प्लेटफार्मों की पेशकश करेगा। विषयों के बीच बहुविषयक अभ्यास और संवाद पर काफी मजबूत फोकस है। हमारा दृष्टिकोण विभिन्न विषयों में कला का विकास करने के लिए एक मजबूत नींव बनाना है और हम उम्मीद करते हैं कि इस कार्यक्रम की समृद्ध विविधता इस देश के विभिन्न दर्शकों को इस दिसंबर में गोवा जाने के लिए प्रोत्साहित करेगी।”

 

इस साल के फेस्टिवल क्यूरेटर में शामिल हैं:

फोटोग्राफी: रहाब अल्लाना और रवि अग्रवाल

विजुअल आर्ट्स: रंजीत होस्कोट और सुबोध गुप्ता

पाक कला: राहुल अकरकर और ओडेत मस्करेनहास

नृत्य: लीला सैमसन और रंजना दवे

रंगमंच: अतुल कुमार और अरुंधती नाग

संगीत: अनेश प्रधान और स्नेहा खानवालकर

शिल्प: अन्नपूर्णा गारिमेला और रश्मी वर्मा

 

इस साल 90 परियोजनाएं कुछ विशेष परियोजनाओं की एक श्रृंखला के साथ-साथ होंगी, जिसमें द्वारा क्यूरेटेड यंग सबकॉन्टिनेंट, हनीफ कुरेशी द्वारा क्यूरेटेड St+art, एशिया आर्ट आर्काइव और मीनाक्षी थिरुकोड द्वारा क्यूरेट आउट ऑफ़ टर्न और सबीना गडिहोक द्वारा एक फिल्म कार्यक्रम शामिल है।

 

 

सेरेन्डिपिटी आर्ट्स फेस्टिवल के संस्थापक, श्री सुनील कांत मुंजल ने कहा, “हमारा ध्येय यह है कि सेरेन्डिपिटी आर्ट्स फेस्टिवल कलाकारों, समुदाय, जनता और देश के लिए बदलाव का उत्प्रेरक बने, दैनिक जीवन को प्रभावित करे और आखिरकार दुनिया भर में मौजूद रचनात्मकता और कला के संपर्क में आने और उस पर प्रतिक्रिया देने के हमारे तरीके में बदलाव लाए। यह महोत्सव कम प्रदर्शित और उभरते कलाकारों के लिए एक मंच है, और हमारे देश के कुछ सबसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक व्यवसायियों की क्यूरेटोरियल ध्येय को भी प्रस्तुत करता है। हम कलाकारों, कारीगरों, स्वदेशी और लोक कला रूपों, कलाकारों और अन्य रचनात्मक व्यवसायियों को एक मंच पर पेश करके सम्मानित हैं।”

 

सेरेन्डिपिटी आर्ट्स फाउंडेशन के बारे में

 यह रचनात्मकता के लिए मुंजाल की एक पहल है। सेरेन्डिपिटी आर्ट्स फाउंडेशन एक गैर-लाभकारी कला और सांस्कृतिक विकास फाउंडेशन है जो सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देता है और दक्षिण एशिया में उभरते कलाकारों का समर्थन करता है। फाउंडेशन का लक्ष्य नई रचनात्मक रणनीतियों, कलात्मक हस्तक्षेप, और सांस्कृतिक साझेदारी को बढ़ावा देना है जो दक्षिण एशिया के सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय माहौल को संबोधित करें। फाउंडेशन के कार्यक्रमों को कई क्षेत्रों में भागीदारों के साथ अभिनव सहयोग, शिक्षा को प्रभावित करने, सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक विकास को बढ़ावा देने और कला में अलग-अलग विषयों पर चिंतन करने के लिए एक माध्यम के तौर पर डिजाइन किए जाते हैं।

 सेरेन्डिपिटी आर्ट्स फेस्टिवल

फाउंडेशन की प्राथमिक पहल और सबसे बड़ी परियोजना सेरेन्डिपिटी आर्ट्स फेस्टिवल गोवा में हर साल दिसंबर में आयोजित एक बहु-अनुशासनात्मक कला समारोह है। प्रतिष्ठित कलाकारों और संस्थागत हस्तियों के एक पैनल द्वारा क्यूरेटेड यह महोत्सव एक दीर्घकालिक सांस्कृतिक परियोजना है जो भारत में कलाओं में बड़े पैमाने पर सकारात्मक परिवर्तन को बढ़ावा देने की उम्मीद करता है। दृश्य, प्रदर्शन और पाक कला में विस्तारित महोत्सव के कार्यक्रमों में संगीत, नृत्य, दृश्य कला, शिल्प, फोटोग्राफी, फिल्म और रंगमंच शामिल हैं। यह महोत्सव कला शिक्षा और अध्यापन, सांस्कृतिक संरक्षण, कलात्मक विषयों के आपसी संबंध और कला तक पहुंच जैसे सामाजिक मुद्दों पर दबाव डालता है। सेरेन्डिपिटी आर्ट्स फेस्टिवल की प्रदर्शनियों और प्रस्तुतियों का गहन कार्यक्रम सामाजिक और शैक्षणिक जुड़ाव को लेकर उत्साहित है। सेरेन्डिपिटी आर्ट्स फेस्टिवल का तीसरा संस्करण 15 से 22 दिसंबर, 2018 तक गोवा में होगा।

 

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